बेल के बाद माल्या ने पहला रिएक्शन | बोले- खुश ना हों

मंगलवार सुबह गिरफ्तारी और अगले 3 घंटे में बेल मिलने के बाद विजय माल्या ने पहली बार DainikBhaskar.com जर्नलिस्ट रोहिताश्व कृष्ण मिश्रा से एक्सक्लूसिव बातचीत में अपना पक्ष रखा है। केंद्र सरकार द्वारा उनकी आज की गिरफ्तारी का क्रेडिट लेने को लेकर माल्या का कहना है कि खुश होने की जरूरत नहीं है। लंदन की निष्पक्ष कोर्ट में जल्द ही सच सामने होगा। कोर्ट में सच की ही जीत होगी। जब हमने माल्या से उनके आगे के स्टेप और इंडिया वापसी पर सवाल पूछा तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। बता दें, बेल मिलने के बाद माल्या का DainikBhaskar.com पर दुनिया के किसी भी मीडिया को दिया ये पहला रिएक्शन है। 9 हजार करोड़ के कर्जदार माल्या सुबह हुए थे गिरफ्तार...
- पिछले साल मार्च में भारत से भागे विजय माल्या (61) को मंगलवार सुबह स्कॉटलैंड यार्ड पुलिस ने अरेस्ट कर लिया। वे खुद सेंट्रल लंदन पुलिस स्टेशन पहुंचे थे।
- भारत ने बैंकों के 9 हजार करोड़ के कर्जदार माल्या को लौटाने की यूके से बीते फरवरी में गुजारिश की थी। इसी के दो महीने बाद यह कार्रवाई हुई। एक्स्ट्राडीशन वॉरंट पर अरेस्ट माल्या को वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया। गिरफ्तारी के तीन घंटे बाद ही उन्हें बेल भी मिल गई। 
- माल्या ने बेल मिलने के बाद ट्वीट किया, ''हमेशा की तरह मीडिया ने हाइप क्रिएट किया। आज एक्स्ट्राडिशन हियरिंग शुरू होनी ही थी।'' बता दें कि माल्या पिछले साल 2 मार्च को देश छोड़कर लंदन भाग गए थे। इस मामले पर केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री संतोष गंगवार ने कहा कि किसी को भी छोड़ा नहीं जाएगा।

फॉरेन मिनिस्ट्री ने क्या कहा...



- इंडियन फॉरेन मिनिस्ट्री ने एक बयान में कहा- माल्या को लेकर ब्रिटेन में लीगल प्रोसेस जारी है। दोनों देशों की सरकारें भी इस मसले पर संपर्क में हैं। माल्या के प्रत्यर्पण के लिए भारत सरकार ने अपील की थी। इसलिए उसे गिरफ्तार किया गया।

 9 प्वाइंट्स में समझें पूरा मामला

1) कैसे हुई माल्या की गिरफ्तारी?
- इन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट और CBI जैसी भारतीय एजेंसियां और मोदी सरकार माल्या की गिरफ्तारी के लिए पिछले कई महीनों से कोशिशें कर रही थीं।
- फरवरी को भारत ने यूके से माल्या की वापसी के लिए रिक्वेस्ट भेजी थी।
- इसके बाद मार्च में ब्रिटिश पीएम थेरेसा मे ने लंदन में अरुण जेटली से प्रोटोकॉल तोड़कर मुलाकात की थी। इस मुलाकात में माल्या को भारत को सौंपने पर चर्चा हुई थी।
- मार्च में ही यूके ने भारत को बताया था कि उसकी रिक्वेस्ट को विदेश मंत्रालय ने सर्टिफाई कर दिया है।
- यूके गवर्नमेंट ने आगे की कार्रवाई के लिए केस को डिस्ट्रिक्ट जज के पास भेजा। इसके बाद मंगलवार सुबह 9:30 बजे (यूके के टाइम के मुताबिक) माल्या को एक्स्ट्राडीशन वॉरंट पर अरेस्ट किया गया।
- न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, वॉरंट जारी होने के बाद माल्या खुद सेंट्रल लंदन पुलिस स्टेशन पहुंचे। वहां उन्हें अरेस्ट किया गया।

2) WHAT NEXT?
- भारत-यूके के बीच 1992 में म्युचुअल लीगल असिस्टेंस ट्रीटी (MLAT) हुई थी। इसके तहत दोनों देशों के बीच आपराधिक मामलों में आरोपी शख्स को ट्रांसफर किया जा सकता है। इसमें सबूत देने और जांच में मदद करने के मकसद से आरोपी की कस्टडी भी शामिल है। अब इसी ट्रीटी के तहत माल्या की वापसी होगी।
- हालांकि, यूके में एक्स्ट्राडीशन प्रॉसेस में कई स्टेप्स शामिल हैं। डिस्ट्रिक्ट जज की तरफ से जारी वॉरंट पर माल्या की गिरफ्तारी हुई थी। उन्हें शुरुआती सुनवाई के लिए जज के सामने पेश किया गया था। वहां से उन्हें जमानत मिल गई।
 - माल्या को भारत भेजने का यूके की तरफ से आखिरी फैसला होने से पहले इसी कोर्ट में एक्स्ट्राडीशन हियरिंग हाेगी। माल्या के पास यूके की हायर कोर्ट में अपील करने का अधिकार होगा।
3) कब से देश से बाहर हैं माल्या?
- 2 मार्च 2016 से ही माल्या लंदन में रह रहे हैं। इन्फोर्समेंट डायरेक्ट्रेट (ईडी) और सीबीआई को माल्या की तलाश थी। प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) से जुड़े एक मामले में मुंबई की स्पेशल कोर्ट माल्या को भगोड़ा घोषित कर चुकी थी। माल्या का पासपोर्ट भी रद्द किया गया था।
- माल्या को गिरफ्तार करने के लिए ईडी ने कोर्ट में अर्जी लगाई थी। 
4) माल्या पर कितना कर्ज?
- 31 जनवरी 2014 तक किंगफिशर एयरलाइंस पर बैंकों का 6,963 करोड़ रुपए बकाया था। इस कर्ज पर इंटरेस्ट के बाद माल्या की टोटल लायबिलिटी 9,000 करोड़ रुपए से ज्यादा हो चुकी है।
- सीबीआई ने 1000 से भी ज्‍यादा पेज की चार्जशीट में कहा कि किंगफिशर एयरलाइंस ने IDBI की तरफ से मिले 900 करोड़ रुपए के लोन में से 254 करोड़ रुपए का निजी इस्‍तेमाल किया।
- किंगफिशर एयरलाइंस अक्टूबर 2012 में बंद हो गई थी। दिसंबर 2014 में इसका फ्लाइंग परमिट भी कैंसल कर दिया गया।
- डेट रिकवरी ट्रिब्‍यूनल ने माल्या और उनकी कंपनियों UBHL, किंगफिशर फिनवेस्ट और किंगफिशर एयरलाइन्स से 11.5% प्रति साल की ब्याज दर से वसूली की प्रॉसेस शुरू करने की इजाजत दी थी।

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